Saturday, 17 August 2013

अनकही

दिल ने दिल से जो कही थी  अभी तक मुझे मीठी सी वो बात याद है,

तुझसे कभी न मिली जो मुझे वो सौगात याद है,

तुझसे मिलने की हज़ार कोशिशें कि पर तू ना मिला कितना रोया था ये 

दिल,कितने आये थे इस दिल में जज़्बात याद हैं

  तेरे लिए जो पानी बन के बहे  मेरे खून के आंसू जो सारी रह मुझे एकसार  याद हैं ,

शाम तक का वक़्त देने के बाद भी ,

तेरे  इंतजार में थी पल पल जो गुज़ारी मुझे अभी तक वो रात याद है ,

इतना दर्द मिला के खुद टूट गयी मैं आहट सुनते ही फिर जिन्दा होजाती हूँ ,

क्यूंकि मुझे अभी तक वो तेरा झूठा जताया प्यार याद है। ………


मुझे तेरा प्यार याद है.…… 



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